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रामाबान्ध बस स्टैंड और ओवरब्रिज के पास दिन भर लगा रहता है महाजाम! ग्राउंड जीरो से औरंगाबाद नाउ की खास रिपोर्ट

आये दिन लग रहे जाम की वजह से इस रूट पर आने-जाने वाले लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पढिये हमारा ये खास ग्राउंड रिपोर्ट

सत्यम मिश्रा

सत्यम मिश्रा

औरंगाबाद सिटी, Jul 09, 2021 (अपडेटेड Jul 09, 2021 8:53 PM बजे)

औरंगाबाद शहर में आजकल जाम की समस्या बढ़ती ही चली जा रही है। अनलॉक 4 के तहत आमजनों के आवागमन पर लगी पाबंदियों को हटा लिया गया था, उसके बाद से सड़कों पर भीड़ बढ़ी है। इस भीड़ की वजह शहर के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर लंबी जाम देखने को मिल रहा है।

रामाबान्ध बस स्टैंड और ओवरब्रिज के नीचे दिनभर लगा रहता है जाम

रामबान्ध बस स्टैंड (रामाबान्ध बस स्टैंड पटना और पलामू को जोड़ने वाली नैशनल हाइवे NH 139 के किनारे अवस्थित है) और ओवरब्रिज के पास आजकल हर दिन गाड़ियों का लंबा जाम देखने को मिल रहा है। NH 19 से आने वाली बड़ी गाड़ियाँ सुन्दरगंज, कुटुंबा, नवीनगर और झारखंड के पलामू जिले में जाने के लिए इसी NH 139 से गुजरती हैं जिससे यहां लंबा जाम लग जाता है।


इसके अलावा बारिश के बाद से बस स्टैंड में कीचड़ भर गया है जिसकी वजह से बसों को चालक सड़क के किनारे ही पार्क कर दे रहें हैं। फिलहाल ये सड़क टू-लेन की ही है और ओवरब्रिज से स्टैंड तक दोनों तरफ अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की भी समस्या है। इससे सड़क पर चलने का स्थान कम हो जा रहा है और जाम की स्थित पैदा हो जा रही है।

इस जाम की वजह से लोगों का समय और गाड़ियों का ईंधन दोनों बर्बाद हो रहा है।

सड़क को फोरलेन में बदलने के लिए मिल चुकी है मंजूरी

NH 139 236km लंबी एक Two-Lane वाली सड़क है जो बिहार की राजधानी पटना को अरवल, दाउदनगर, औरंगाबाद, कुटुंबा के रास्ते छतरपुर (झारखंड) से जोड़ती है। जिले के सांसद सुशील कुमार सिंह जी के प्रयास से इस हाइवे के चौड़ीकरण की हरी झंडी भी मिल गयी है लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।


जिले के माननीय सांसद श्री सुशील कुमार सिंह जी ने इस सड़क को फोरलेन में बदलने के लिए संसद में कई बार आवाज उठाया था लेकिन ट्रैफिक सर्वे में हुई गड़बड़ियों के कारण मंजूरी नहीं मिल पा रही थी।

इसी वर्ष 17 फरवरी को माननीय सांसद ने प्रेस को बताया था कि संसद में उनके दिए चैलेंज को राजमार्ग मंत्रालय ने सही माना है और इस सड़क को फोरलेन में बदलने की मांग को स्वीकार कर लिया गया है।

जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन के द्वारा नहीं किया जा रहा है कोई ठोस उपाय

इस जाम की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। कभी कभी कुछ पुलिसकर्मी ओवरब्रिज के नीचे ट्रैफिक मैनेज करते दिख जाते हैं लेकिन ये व्यवस्था भी स्थाई रूप से दिखाई नहीं पड़ती है।

जाम की समस्या को दूर करने के लिए क्या हो सकता है समाधान?

  • जब तक सड़क को फोरलेन में परिवर्तित नहीं किया जाता है तब तक सड़क के किनारे लगे अवैध पार्किंग, अतिक्रमण को खाली करना ही एकमात्र समाधान दिखता है।
  • इसके अलावा पीक टाइम में बड़े गाड़ियों की नो एंट्री से भी कुछ भीड़ कम किया जा सकता है। 
  • NH 139 से NH 19 पर जानेवाली बड़ी गाड़ियों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग भी तय किया जा सकता है।
  • एक्सपर्ट्स की माने तो शहर के भीड़-भाड़ वाले जगहों जैसे रमेश चौक, बाईपास, बस स्टैंड, शहीद चौक, जामा मस्जिद, कोर्ट मोड़ आदि के पास ट्रैफिक सिग्नल भी इंस्टॉल किया जा सकता है जिससे ट्रैफिक जाम को ढंग मैनेज करने में सहूलियत होगा।

शहर के अन्य जगहों पर भी है जाम की समस्या

औरंगाबाद सिटी का हृदय-स्थली कहे जाने वाला रमेश चौक भी इस जाम की समस्या से प्रभावित है। फिक्स्ड ऑटो स्टैंड ना होने की वजह से टेम्पू चालक इधर उधर गाड़ियों को लगाए रखते हैं जिससे जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

इसके अलावा जिला कोर्ट, सदर अस्पताल, शहीद चौक, डाकघर, जिला पुस्तकालय, जामा मस्जिद, धर्मशाला मोड़ आदि जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़कों के किनारे लगे हुए अवैध दुकान और अतिक्रमण की वजह से लोगों का पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है।

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Source: Aurangabad Now

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