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औरंगाबाद: चित्रगुप्त नगर में सब्जी विक्रेता की दिनदहाड़े हत्या करने वाले तीनों अपराधी अरवल में गिरफ्तार! जानिए पूरी घटना

औरंगाबाद पुलिस की तत्परता से घटना के महज 4 घंटे के अंदर ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। नीचे पढिये वारदात की पूरी क्रोनोलॉजी

Aurangabad Now Desk

Aurangabad Now Desk

औरंगाबाद, Sep 01, 2021 (अपडेटेड Sep 01, 2021 1:57 AM बजे)

औरंगाबाद पुलिस ने चित्रगुप्त नगर में हुए सब्जी विक्रेता (जीतू मेहता) के मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली है। SP कांतेश कुमार मिश्र की सूझबूझ और औरंगाबाद पुलिस की तत्परता से मर्डर कर भाग रहे तीनों अपराधियों को अरवल में गिरफ्तार कर लिया गया है।

पकड़े गए तीनों अपराधियों की पहचान नीतीश कुमार, राजा यादव एवं विशाल कुमार के रूप में की गई है। ये सभी लोग 18 से 20 वर्ष के उम्र के हैं।

जानकारी देते हुए एसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि हत्या के बाद सभी अपराधी बिहार राज्य परिवहन निगम के बस पर सवार होकर जा रहे थे। इस बात की भनक पुलिस को लग चुकी थी और इसकी सूचना औरंगाबाद से लेकर अरवल तक के सभी थाने को दे दी गई थी। एसपी ने बताया कि जैसे ही बस अरवल पहुंची वहां अरवल सदर थानाध्यक्ष शंभू पासवान के नेतृत्व में तीनों अपराधियों को उमैराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो पिस्टल, एक चाकू एवं कारतूस भी बरामद किया गया है।

क्या है हत्याकांड की पूरी क्रोनोलॉजी?

सब्जी विक्रेता जीतू मेहता मंगलवार की सुबह सब्जियों को ठेले पर रखकर बेचने के लिए जा रहा था। मोहल्ले के मंदिर के पास वो पहुंचा ही था कि अपराधियों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। जीतू मेहता क्लब रोड स्थित चित्रगुप्त नगर मोहल्ले में उदेश ठाकुर के घर में किराये पर रह रहा था।

बताया जा रहा है कि जीतू एक ग्राहक को सब्जी देकर पैसा ले रहा था, इसी बीच अपराधियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की। जान बचाने के वो मोहल्ले की ओर भागने लगा।

इस दौरान एक अपराधी ने उसके सर में गोलियां दाग दी और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। बदमाश ने एक के बाद एक तीन गोलियां मारीं जो उसको कनपटी और पीठ में जा लगीं।

मामले की जानकारी पर नगर थाना अध्यक्ष अंजनी कुमार अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। जहां पुलिस (Police) ने मामले के संबंध में जांच-पड़ताल की। बाद में पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया।


जानकारी के अनुसार, जीतू मेहता का अपने भाई से विवाद चल रहा था। इसकी वजह से उसको भाई ने घर से निकाल दिया था। इसके बाद से जीतू किराए के घर मे रह रहा था और सब्जी बेचकर अपनी जीविका चलाता था। रोजाना की तरह मंगलवार को भी वह ठेले पर रखकर सब्जी बेचने के लिए घर से निकला था। इस दौरान एक युवक ने उसके ऊपर गोलियां बरसा दीं। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

CCTV फुटेज से हो चुकी थी पहचान, पुलिस के जाल में फंस गए हत्यारे

सब्जी विक्रेता जीतू मेहता की हत्या के बाद मौके वारदात पर पहुंची पुलिस को हत्यारों के सुराग मिलने लगे थे। उसी आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और तीनों हत्यारे पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

पुलिस को यह भी जानकारी प्राप्त हुई कि घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी शहर के रमेश चौक से खुलने वाली किस बस से भाग रहे हैं। जानकारी के बाद औरंगाबाद-पटना रुट पर पड़ने वाले सभी थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया और अपराधियों की सीसीटीवी फुटेज वाली तस्वीर भी सर्कुलेट कर दी गयी। साथ ही साथ औरंगाबाद पुलिस के द्वारा भी पीछे से बस का पीछा किया जा रहा था। फिर क्या था जैसे ही बस अरवल जिले के उमैराबाद में पहुंची तीनों अपराधियों को धर दबोचा गया।

SP की सूझबूझ से सिर्फ 4 घंटे में सॉल्व कर लिया गया केस

औरंगाबाद के SP कांतेश कुमार मिश्र घटना के बाद से ही इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे। उनके निर्देशों का अनुपालन एसडीपीओ मनीष कुमार और नगर थानाध्यक्ष अंजनी कुमार कर रहे थे। एसपी ने बताया कि फिलहाल पकड़े गए अपराधियों से घटना के पीछे के कारणों की पूछताछ की जा रही है और महज चार घंटे के अंदर सभी अपराधियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है।

अगर स्थानीय लोगों की माने तो किसी छोटी रंजिश में ही अपराधियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दे दिया है। अब पुलिस की पूछताछ में क्या बातें निकल कर सामने आती हैं उसका अपडेट हम जल्द ही साझा करेंगे।

Source: Emaa Times

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