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बच्चे को पोलियो ड्रॉप पिला कर DM सौरभ जोरवाल ने किया 5 दिवसीय पोलियो उन्मूलन अभियान का आगाज़

सत्यम मिश्रा

सत्यम मिश्रा

औरंगाबाद, Jun 28, 2021 (अपडेटेड Jun 28, 2021 2:53 AM बजे)

शहर के सिन्हा कॉलेज मोड़ के समीप अवस्थित हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर (शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में रविवार (27 जून) को पल्स पोलियो अभियान के तहत बच्चों को घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाने की शुरुआत जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल एवं सिविल सर्जन डॉ अकरम अली के द्वारा की गई।


जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने एक छोटे बच्चे को पोलियो ड्रॉप की दो बूंद पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की।

पांच दिनों तक चलेगा ये अभियान

पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम का यह अभियान 27 जून से 1 जुलाई (5 दिनों) तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न जगहों पर जिसमें स्लम बस्तियों, देहात, ईंट भट्ठों  भी पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा।


जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया कि आज पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई है जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को इस बीमारी से बचाना है तथा पोलियो को जड़ से खत्म करना है। पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो किसी व्यक्ति के शरीर को लकवाग्रस्त कर देता है। चूंकि छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है इसलिए उसे इस बीमारी से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा होता है। इसे होने से पहले ही खत्म कर देने के लिए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।

श्री जोरवाल ने जिले के सभी अभिभावकों से अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्हें पोलियो की दवा पिलाकर अभियान को सफल बनाने में जिला स्वास्थ्य विभाग की पूरी तरह सहयोग करने की अपील की। उन्होंने ईंट भट्ठों व मलिन बस्तियों में छोटे बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने हेतु विशेष ध्यान देने तथा निर्माणाधीन स्थानों पर मौजूद श्रमिकों के बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाने के निर्देश दिया है।

डॉ अकरम अली ने बताया कि बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने के लिए पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई हैै। इसके तहत अधिक से अधिक बच्चोंं को खुराक पिलाने के लिए आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गयी है। इसी क्रम में टीका कर्मी घर घर जाकर बच्चों को पोलियों का खुराक पिलाएंगे।


27 जून से 1 जुलाई तक चलने वाले अभियान में 4 लाख 407 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इन सभी कर्मियों को अच्छे तरीके से खुराक देने के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराया जाएगा तथा आमजन को अपने बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने के लिए जागरूक किया जाएगा ताकि अभिभावक अपने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलवा सकें।

डॉ. अली ने बताया कि पोलियो एक खतरनाक लकवाग्रस्त वायरस जनित रोग है। बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उसे पोलियो का खतरा ज्यादा है। यह बीमारी विशेष रूप से रीढ़ के हिस्सों व मस्तिष्क को ज्यादा नुकसान पहुँचता है। इससे बचाव के लिए लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलानी चाहिए।

पोलियो ड्रॉप के साथ बच्चों को संपूर्ण टीकाकरण भी करवाना चाहिए जो 12 जानलेवा बीमारियों से बचाए रखता है। डॉ अली ने टीकाकरण कर्मियों को निर्देश दिए कि कोई बच्चा छूटे नहीं पाए। साथ ही लोगों से इस मामले में सहयोग करने की अपील की है। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पूर्णता पालन किया जाएगा।

इस मौके पर एसीएमओ डॉक्टर निर्मला कुमारी, डीआईओ डॉ मिथिलेश प्रसाद सिंह, डीपीएम डॉक्टर कुमार मनोज, एमओआईएस डॉ श्याम कुमार, डब्ल्यूएचओ मिस्टर वीरसेन गुप्ता एवं प्रकाश कुमार, एसएमसी कामरान खान, डीपीसी मिस्टर नागेंद्र कुमार केसरी सहित अन्य उपस्थित थे।

Source: Jan Josh News

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